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प्रयागराज के 50 गांवों में तेंदुए की दहशत: CCTV में दिखा तो भी वन विभाग खाली हाथ, छह महीने से बदल रहा ठिकाना

Prayagraj Leopard News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगापार क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल है. बहादुरपुर, सैदाबाद और हंडिया के कई गांवों में तेंदुआ देखे जाने की खबरें सामने आई हैं. हाल ही में हंडिया के टेला की ठकुरान बस्ती में एक घर के दरवाजे से गुजरते तेंदुए की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई. इसके बावजूद वन विभाग को उसके पगचिह्न और आवाजाही के रास्ते का स्पष्ट सुराग नहीं मिल सका है.
CCTV में कैद हुई तेंदुए की तस्वीर
गंगापार के हंडिया क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, टेला की ठकुरान बस्ती में एक घर के दरवाजे से गुजरते तेंदुए की तस्वीर कैमरे में कैद हुई. बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में तेंदुए को देखे जाने का सिलसिला करीब छह महीने से जारी है. तस्वीरों के आधार पर विशेषज्ञ उसकी उम्र करीब ढाई से तीन साल आंक रहे हैं.
बहादुरपुर से सैदाबाद और हंडिया तक दहशत
गंगापार के बहादुरपुर, सैदाबाद और हंडिया क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना है. लगातार बदलते ठिकाने के कारण उसकी गतिविधियों पर नजर रखना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है. ग्रामीणों के बीच चिंता है कि तेंदुआ किस रास्ते से आता-जाता है और उसका सुरक्षित ठिकाना कहां है.
पगचिह्न नहीं मिलने से रेस्क्यू में परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग को अब तक तेंदुए के पगचिह्न नहीं मिले हैं. हंडिया रेंज के रेंजर मो. इमरान खान ने बताया कि पैरों के निशान मिलने के बाद ही रेस्क्यू विशेषज्ञों को बुलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है. फिलहाल विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है.
ग्रामीण क्या सावधानी बरतें?
तेंदुए की मौजूदगी की आशंका वाले इलाकों में ग्रामीणों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
अंधेरा होने के बाद खेतों और सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें.
बच्चों को घर के बाहर या झाड़ियों के पास अकेला न छोड़ें.
झाड़ियों और घनी फसल वाले स्थानों के पास विशेष सतर्कता रखें.
तेंदुआ दिखने पर उसके करीब जाने, पीछा करने या भीड़ लगाने की कोशिश न करें.
तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दें.
फिलहाल स्थिति पर नजर रखना जरूरी है. तेंदुए के पगचिह्न या सुरक्षित ठिकाने की पुष्टि होने और रेस्क्यू अभियान की आधिकारिक जानकारी मिलने तक उसके पकड़े जाने या खतरा समाप्त होने का दावा नहीं किया जा सकता.
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