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जमशेदपुर के नौवीं के छात्र का कमाल, 50 रुपये की सेफ्टी टेप के आइडिया पर मिला 9500 डॉलर का अंतरराष्ट्रीय ग्रांट

INT News12 October 2026 at 03:56 pm

जमशेदपुर : बड़े आविष्कार के लिए बड़ी उम्र नहीं, बल्कि नई सोच और कुछ अलग करने का जज्बा चाहिए. इसे सच कर दिखाया है जमशेदपुर के गुलमोहर हाई स्कूल के नौवीं कक्षा के छात्र अक्षत सरकार ने. अक्षत ने रसोई गैस लीकेज जैसी गंभीर समस्या का सस्ता और उपयोगी समाधान तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है. उनका सपना महज 50 रुपये की ऐसी एलपीजी सेफ्टी टेप विकसित करना है, जो गैस लीकेज का पता लगाने में मददगार साबित हो सके. अक्षत की इस वैज्ञानिक सोच ने अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान का ध्यान खींचा है. उन्हें जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के मर्केटस सेंटर से जुड़े इमर्जेंट वेंचर्स (Emergent Ventures) से 9500 डॉलर का अंतरराष्ट्रीय ग्रांट मिला है.

50 रुपये की टेप से करोड़ों घरों को सुरक्षित बनाने का सपना

अक्षत सरकार की इस पहल का नाम 'TS GLDC Safety Tape' है. इसका उद्देश्य एलपीजी गैस लीकेज का पता लगाकर संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करना है. अक्षत ऐसी तकनीक विकसित करना चाहते हैं, जो किफायती होने के साथ आम परिवारों के लिए उपयोगी भी हो. उनका लक्ष्य इस सेफ्टी टेप की कीमत महज 50 रुपये रखना है, ताकि भविष्य में देश के करोड़ों परिवार इसका लाभ उठा सकें. इससे पहले भी उनके इस नवाचार को प्रतिष्ठित INSPIRE-MANAK Awards के तहत पहचान मिल चुकी है.

अमेरिका से मिला 9500 डॉलर का ग्रांट, अब बनेगी विशेष प्रयोगशाला

अक्षत के प्रस्ताव का मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है. इसकी पुष्टि जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी की सीनियर रिसर्च फेलो श्रुति राजगोपालन की ओर से जारी पत्र में की गयी है. इस राशि से अक्षत एक विशेष प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. यहां वे अपनी सेफ्टी टेप की वैज्ञानिक जांच, परीक्षण और तकनीकी विकास पर काम करेंगे. भविष्य में वे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रमुख एलपीजी कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं भी तलाशना चाहते हैं.

खुद के साथ दूसरे विद्यार्थियों को भी बनाएंगे इनोवेटर

अक्षत अपनी उपलब्धि को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रखना चाहते हैं. उनकी योजना गुलमोहर हाई स्कूल के स्टार्टअप स्टूडियो के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों को भी रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता से जोड़ने की है. वे चाहते हैं कि स्कूल के दूसरे बच्चे भी अपनी वैज्ञानिक सोच को नए आविष्कारों में बदलें और समाज की समस्याओं का समाधान तलाशें.

अक्षत की सफलता पूरे स्कूल के लिए गर्व की बात : प्राचार्या

गुलमोहर हाई स्कूल की प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने अक्षत की उपलब्धि पर खुशी जतायी है. उन्होंने कहा - अक्षत की सफलता पूरे गुलमोहर परिवार के लिए गर्व का विषय है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अपनी वैज्ञानिक सोच का इस्तेमाल समाज की एक वास्तविक समस्या के समाधान के लिए किया है. शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए. विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और अपने विचारों को हकीकत में बदलने का साहस विकसित करना भी जरूरी है. विद्यालय के स्टार्टअप स्टूडियो के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है. अक्षत की सफलता दूसरे विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करेगी.