समाचार · मध्य प्रदेश
मिड-डे मील कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर:बोले-4 महीने से वेतन नहीं मिला; उचित बीमा, अवकाश और 18000 मासिक वेतन की मांग
शहडोल के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों और मिड-डे मील कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। मध्याह्न भोजन कर्मी यूनियन की मध्यप्रदेश जिला इकाई शहडोल ने ज्ञापन में 23 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इसके साथ ही यूनियन ने 12 से 14 अक्टूबर तक हड़ताल कर मांगों पर कार्रवाई की अपील की है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और नियमित वेतन जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। चार महीने से मानदेय नहीं मिलने का दावा यूनियन ने ज्ञापन में दावा किया है कि कर्मचारियों को पिछले 4 महीने से मानदेय नहीं मिला है। उनका कहना है कि कोरोना काल में भी उन्होंने जोखिम के बीच काम किया, लेकिन उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली। यूनियन ने मृत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग भी उठाई है। न्यूनतम 18 हजार रुपए वेतन की मांग ज्ञापन में कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय का भुगतान करने और न्यूनतम 18 हजार रुपए मासिक वेतन देने की मांग शामिल है। इसके अलावा, कम छात्र संख्या के आधार पर हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने और भोजन बनाने के लिए रसोइयों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है। बीमा, अवकाश और कार्यस्थल सुविधाओं की मांग यूनियन ने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड, तीन जोड़ी ड्रेस और धुलाई भत्ता देने की मांग रखी है। ज्ञापन में दुर्घटना में घायल होने पर एक लाख रुपए और मृत्यु होने पर पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों के लिए सुरक्षा बीमा, चिकित्सा अवकाश, अर्जित अवकाश और 180 दिन का प्रसूति अवकाश देने की मांग की गई है। इसके साथ ही स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, किचन शेड, गैस सिलेंडर और भोजन बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।