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सरगुजा के संजय पार्क में खुलेगा ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर:राज्य वन्यजीव बोर्ड ने दी मंजूरी, सेंट्रल जू अथॉरिटी से लिया जाएगा लाइसेंस
अंबिकापुर के संजय पार्क में जल्द ही अत्याधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट टीटमेंट सेंटर बनेगा। इसके लिए राज्य वन्य जीव बोर्ड ने परियोजना को मंजूरी दे दी है। संजय पार्क में सेंटर बनने के बाद यहां घायल और असहाय वन्य जीवों को रखा जा सकेगा। संजय पार्क में इसके पहले बड़ी संख्या में हिरण, कोटरा एवं मोरों को रखा गया था। यह अस्थाई रेस्क्यू सेंटर था, लेकिन इसके लिए सेंट्रल जू अथारिटी से लाइसेंस नहीं मिला था। यहां जानवरों को इलाज के बाद रखा जाता था। मार्च 2026 में कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत के बाद सेंटर को बंद कर दिया गया था। राज्य वन्यजीव बोर्ड के स्थाई समिति की रायपुर में हुई बैठक में अंबिकापुर के संजय पार्क में वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर शुरू करने की मंजूरी दी गई है। सरगुजा संभाग में वर्तमान में इस तरह का कोई रेस्क्यू सेंटर नहीं है। वन्यजीव बोर्ड की अनुमति के बाद ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर खोलने के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी से लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। बढ़ाया जाएगा एरिया, डॉक्टर भी नियुक्त होंगे संजय पार्क में ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर शुरू करने के लिए इसके एरिया को बढ़ाया जाएगा। संजय पार्क के पीछे स्थित बांसबाड़ी तक इसका विस्तार होगा। यहां अतिरिक्त पशु चिकित्सक भी नियुक्त किए जा सकते हैं। ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर खोले जाने के बाद यहां हादसे, बीमारी एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष मंे घायल वन्यजीवों का इलाज किया जाएगा। इनमें हाथी, बाघ, हिरण, चीतल सहित अन्य वन्यजीव हो सकते हैं। पूर्व में संजय पार्क में अस्थाई रेस्क्यू सेंटर संचालित था। यहां बड़ी संख्या में हिरण प्रजाति के जीवों के साथ अन्य वन्यजीवों को घायल होने पर इलाज के लिए लाया जाता था। हिरण प्रजाति के जीव बड़ी संख्या में यहां रखे गए थे। मार्च 2026 में कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत के बाद इसे बंद कर दिया गया। अस्थाई रेस्क्यू सेंटर को बंद करने के बाद यहां रखे गये हिरणों को तैमोर पिंगला अभ्यारण में छोड़ दिया गया है। जल्द खुलेगा सेंटर, लाइसेंस के लिए प्रयास जारी सरगुजा सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने बताया कि वन्यजीव बोर्ड से संजय पार्क में ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर खोलने के लिए अनुमति दी गई है। फिलहाल इसके लिए बजट की जानकारी नहीं आई है। ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर खुलने के बाद वन्यजीवों का इलाज हो सकेगा। सेंट्रल जू अथारिटी से लाइसेंस की प्रक्रिया जारी है। वन्यजीव बोर्ड की अनुमति के बाद इसे खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।