Monday, 12 October 2026
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भिवानी में सरकारी सहायता के लिए भटक रहे पीड़ित:2 साल से मजदूर की विधवा को नहीं मिला 5 लाख मुआवजा, अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि भी लटकी

INT News12 October 2026 at 04:54 pm

जन संघर्ष समिति भिवानी और दलित अधिकार मंच भिवानी के प्रतिनिधिमंडल ने जिला समाधान शिविर में पहुंचकर 2 परिवारों को आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम महेश कुमार से मुलाकात कर दोनों मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। इससे पहले अर्न्तजातीय समरसता मुख्यमंत्री शगुन योजना में मिलने वाली सहायता के लिए दलित अधिकार मंच से 14 सितंबर को शिविर में आवेदन लगाया था और दो दिन बाद समाज कल्याण अधिकारी ललित गोयल ने आवेदक को फोन पर बताया कि विभाग में पैसे देने के लिए बजट नहीं है। जन संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड प्रकाश व दलित अधिकार मंच के संयोजक सुखदेव पालवास ने बताया कि हनुमान गेट निवासी राजकुमार (51 वर्ष) अनुसूचित जाति की 26 नवंबर 2024 को हलवास फाटक के पास सुरेश शर्मा के मकान में निर्माण कार्य के दौरान भवन से गिरने के कारण मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने 4 दिसंबर 2024 को हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड, पंचकूला में 5 लाख रुपए के मुआवजे के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक राशि नहीं मिली। जबकि मकान मालिक सुरेश शर्मा ने गरीब होते हुए भी पीड़ित परिवार की 50000 रुपए से तुरंत सहायता कर दी थी। आरोप है कि विभाग ने मृतक की कापी उसकी मृत्यु के बाद काट दी और परिवार को कोई सूचना नहीं दी। विधवा लक्ष्मी देवी के पास 3200 रुपए प्रतिमाह विधवा पेंशन के अलावा आय का कोई अन्य साधन नहीं है तथा उनकी दो अविवाहित बेटियां हैं। 2 साल से नहीं मिला अंतरजातीय विवाह शगुन योजना का पैसा

दूसरा मामला गांव तिगड़ाना के सचिन का है जो अनुसूचित जाति से संबंध रखता है, जिन्होंने अक्टूबर 2024 में अंतरजातीय विवाह किया था। उन्होंने नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत ढाई लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन किया, इस सम्बन्य में सभी औपचारिकतांए पूरी कर दी गई थी। लेकिन आज तक राशि जारी नहीं हुई। संबंधित विभाग द्वारा बजट उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है। एक तरफ सरकार और उसके जन प्रतिनिधि सरकारी पैसे से जन सेवा संकल्प शिविर लगा रहे हैं और लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं और गरीब लोग तंगी और बदहाली की जिंदगी जीने पर मजबूर है। प्रतिनिधि मण्डल में रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान नरेश कुमार शर्मा, रतनपाल तिगड़ाना तथा विधवा लक्ष्मी एवं उसकी दो बेटियां प्रियंका और मनीषा शामिल थी।