समाचार · मध्य प्रदेश
कूनो में मृत चीतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से इनकार:वन विभाग बोला-विदेशी संबंधों पर पड़ सकता है प्रतिकूल असर, आरटीआई में मांगी थी जानकारी
श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में मृत चीतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगने पर वन विभाग ने सूचना देने से इनकार कर दिया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में विभाग ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता भारत सरकार की राष्ट्रीय परियोजना है, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संचालित हो रही है। इसके संबंध में विदेशी देशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए गए हैं। ऐसे में जानकारी सार्वजनिक करने से विदेशी राज्यों के साथ भारत के संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभाग ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8(1)(a) का हवाला देते हुए जानकारी देने से छूट का आधार बताया है। यह जवाब 9 अक्टूबर 2026 को कूनो वनमंडलाधिकारी कार्यालय से जारी किया गया। RTI लगाने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि मृत चीतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने से विदेशी संबंधों पर क्या प्रतिकूल असर पड़ेगा, यह समझ से परे है। 1 जनवरी 2024 से अब तक की रिपोर्ट मांगी थी अजय दुबे ने 28 जनवरी 2026 को RTI आवेदन देकर प्रोजेक्ट चीता से जुड़े चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसमें 1 जनवरी 2024 से सूचना देने की तारीख तक मध्यप्रदेश में मृत चीतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनसे संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख थी। मामले में प्रथम अपील भी की गई। इसके बाद 17 सितंबर 2026 के अपीलीय आदेश के पालन के लिए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश, भोपाल के कार्यालय ने 18 सितंबर को कूनो वनमंडलाधिकारी को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, 9 अक्टूबर को जारी जवाब में पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया गया। विदेशी दौरों और सरकारी संस्थाओं से पत्राचार के रिकॉर्ड भी मांगे दुबे ने चीता परियोजना के तहत कूनो नेशनल पार्क, गांधी सागर अभयारण्य और रानी दुर्गावती नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों के संरक्षण एवं प्रबंधन से जुड़ी अन्य जानकारियां भी मांगी थीं। इनमें विदेशी दौरों और विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ हुए पत्राचार के अभिलेख शामिल थे। वन विभाग ने अपने जवाब में परियोजना के अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विदेशी देशों के साथ हुए समझौता ज्ञापनों का उल्लेख किया। साथ ही RTI अधिनियम की धारा 8(1)(a) के तहत यह तर्क दिया कि ऐसी जानकारी देने से भारत के विदेशी राज्यों के साथ संबंध प्रभावित होने की आशंका हो सकती है। अजय दुबे ने उठाया सवाल- मृत चीतों की रिपोर्ट से क्या असर पड़ेगा? वन विभाग के जवाब पर अजय दुबे ने सवाल उठाया कि जीवित चीतों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के मामले में किसी तरह की आपत्ति समझी जा सकती है, लेकिन मृत चीतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने से विदेशी संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का तर्क उचित नहीं लगता। अब मुख्य सवाल क्या मृत चीतों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनसे संबंधित प्रतिवेदनों को सार्वजनिक करने से वास्तव में विदेशी संबंध प्रभावित होने की आशंका है? विभाग ने इस छूट को लागू करने के लिए अपने जवाब में जो आधार दिया है, उसी पर सूचना देने से इनकार का विवाद केंद्रित है। ये खबर भी पढ़ें… मादा चीता KJP21 ने 5 शावकों को जन्म दिया श्योपुर के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में प्रोजेक्ट चीता के तहत सोमवार को एक और उपलब्धि दर्ज हुई। भारत में जन्मी 32 महीने की मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। शावकों के जन्म के साथ देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं।पूरी खबर पढ़ें