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पठानकोट में 50 दिनों से बिजली टॉवर पर डटे बुजुर्ग:बारिश-हवाओं की भी परवाह नहीं, समिति अध्यक्ष की नीचे उतरने की अपील ठुकराई
पठानकोट में जिला उपायुक्त आवास के ठीक सामने बिजली के टॉवर पर चढ़े 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग शरम सिंह और कुलविंदर सिंह का धरना 50वें दिन भी जारी है। प्रतिकूल मौसम, तेज हवाओं और ठंड के बावजूद बुजुर्ग टॉवर से नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं। टॉवर की 200 फीट ऊंचाई पर खुले आसमान के नीचे डटे बुजुर्गों को देखकर राहगीर और स्थानीय लोग भी हैरान हैं। बता दें कि, रविवार को पठानकोट में 5 घंटे तक तेज बारिश हुई। इस दौरान भी बुजुर्ग टॉवर पर डटे रहे। इसके बाद आंदोलनरत बैराज औस्ती संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाल सिंह ने बुजुर्ग कुलविंदर सिंह से फोन पर बात की और उन्हें नीचे उतरने को कहा। हालांकि, कुलविंदर ने साफ तौर पर कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक वह किसी भी कीमत पर नीचे नहीं उतरेंगे। 33-34 वर्षों से अधिग्रहित हैं जमीनें, पर नहीं मिला रोजगार
बैराज संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाल सिंह ने बताया कि शाहपुरकंडी बैराज/डैम प्रोजेक्ट के लिए उनके परिवारों की जमीनें अधिग्रहित हुए 33-34 साल का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन आज तक सरकार या डैम प्रशासन की ओर से किसी भी सदस्य को नौकरी नहीं दी गई। अपने हक की लड़ाई के लिए बुजुर्ग पिछले 50 दिनों से डीसी आवास के सामने टॉवर पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। अधिकारियों ने बैठकें करने में ही 25 साल लगा दिए, लेकिन धरातल पर उनकी मांगें जस की तस हैं। उनकी मांगों का हल नहीं किया जा रहा है। सरपंच यूनियन ने प्रशासन से की हक देने की मांग
मौके पर पहुंचे सुजानपुर ब्लॉक सरपंच यूनियन के अध्यक्ष अक्ष्य शर्मा ने भी सरकार और जिला प्रशासन से गंभीरता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग टॉवर पर चढ़कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि बुजुर्गों और पीड़ित परिवारों के दस्तावेजों के हिसाब से उनका बनता हक और रोजगार तुरंत दिया जाए, ताकि वे अपने परिवारों के बीच जाकर राहत की सांस ले सकें। शहरवासियों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष
टॉवर पर डटे 85 वर्षीय बुजुर्ग शरम सिंह की सेहत बिगड़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया और बुजुर्ग के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचा, तो आने वाले समय में प्रशासन और सरकार का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर जायज मांगों को पूरा करने और बुजुर्ग को सकुशल नीचे उतारने की गुहार लगाई है।