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उपयंत्री से बोले विधायक-सही जवाब देना, वरना यहीं घेर दूंगा:विपिन जैन ने कहा- हम भाजपा की तरह दलाली नहीं लेते; जिले में बिजली कटौती से परेशानी
मंदसौर में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय का घेराव किया। विधायक विपिन जैन और जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक विपिन जैन ने अधीक्षक यंत्री योगेश आठनेरे पर नाराजगी जताई। उन्होंने यंत्री से कहा, "जवाब सही देना, हल्के में मत लेना वरना यहीं घेर दूंगा।" इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि हम बीजेपी वालों की तरह दलाली नहीं करते हैं। जैन डेढ़ महीने पहले बिजली शिकायतों पर लिखे पत्र का जवाब न मिलने से नाराज थे। कांग्रेस ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती बंद करने सहित 6 मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। विधायक जैन ने कहा कि मेंटेनेंस के लिए पहले मुख्यमंत्री, सांसदों, विधायकों और अधिकारियों के यहां बिजली काटी जाए, फिर आम जनता की। किसानों को रात में भी नहीं मिल रही बिजली : विधायक
से चर्चा में विधायक विपिन जैन ने कहा कि जिलेभर में अघोषित बिजली कटौती से आम लोग परेशान हैं। किसान सुबह खेतों पर जाते हैं और शाम को घर लौटते हैं। खाना बनाने और खाने के समय बिजली काट दी जाती है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। इसी समस्या को लेकर विभाग का घेराव किया गया है। राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की गई है। उन्होंने किसानों से पैसे लेने संबंधी शिकायत भी लिखित में देने की बात कही।
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान और आम जनता परेशान हैं। लोड मैनेजमेंट के नाम पर लगातार बिजली काटी जा रही है। मंदसौर शहर में सुबह और ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के समय बिजली कटौती की शिकायतें हैं। उन्होंने दावा किया कि 365 दिनों में से 265 दिन बिजली बंद रहती है, जबकि उपभोक्ताओं को पूरा बिल भरना पड़ता है। लोड मैनेजमेंट के कारण कटौती, एक-दो दिन में सुधार की उम्मीद
अधीक्षक यंत्री योगेश आठनेरे ने को बताया कि लोड मैनेजमेंट के चलते विद्युत प्रदाय बंद किया जा रहा है। इसी संबंध में कांग्रेस ने ज्ञापन दिया है। फिलहाल मेंटेनेंस का काम भी चल रहा है। ऊपर से मिले निर्देशों के अनुसार, एक-दो दिन में बिजली आपूर्ति सुचारू होने की संभावना है। स्मार्ट मीटर, बिजली बिल और मुकदमे वापस लेने की मांग
राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिन और रात की अघोषित बिजली कटौती बंद करने, नगरीय क्षेत्रों में कटौती पर रोक लगाने और आगामी त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने की शिकायतों का निराकरण करने, प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि रोकने, स्मार्ट मीटर विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज पुलिस प्रकरण समाप्त करने और ओवरलोड व बिजली चोरी के कथित झूठे मामलों को वापस लेने की मांग की गई है। ज्ञापन में बकाया बिजली बिल के कारण बैंक खाते होल्ड करने और सामान की कुर्की जैसी कार्रवाइयों में आम नागरिकों को राहत देने की मांग भी शामिल है।