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बिजलीकर्मियों ने 3 नवंबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी:लंबित मांगों को लेकर शाजापुर में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, तीन चरणों में होगा आंदोलन
मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मंच ने शाजापुर में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांगें पूरी न होने पर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने की चेतावनी दी है।
यह आंदोलन तीन चरणों में होगा। 16 अक्टूबर को प्रदेशभर के बिजली कंपनियों के मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। 26 अक्टूबर को भोपाल में राज्य स्तरीय प्रदर्शन होगा। मांगों पर फैसला न होने पर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू हो जाएगा। संयुक्त मंच की मुख्य मांगों में आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा का दर्जा, हरियाणा की तरह सेवा सुरक्षा एक्ट, 3 हजार रुपए जोखिम भत्ता और 50 लाख रुपए का मृत्यु बीमा शामिल है। संविदा कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण और गृह जिले में पदस्थापना की मांग भी की गई है। वेतन विसंगति दूर करें अन्य मांगों में 2009 से 2018 के कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर कर तीन इंक्रीमेंट, 2024 का वेतन पुनरीक्षण लागू करना और 20 प्रतिशत बोनस देना शामिल है। बिजली कर्मियों की सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट प्रोटेक्शन और बिजली बिलों में 50 प्रतिशत छूट की मांग भी रखी गई है।