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पलवल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन:पोर्टल पर काम का विरोध, बोले- वेतन रोकने की धमकी देकर किया जा रहा मानसिक शोषण
पलवल में बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने ऑनलाइन पोर्टलों के संचालन के खिलाफ विरोध जताया है। कर्मचारियों पर बनाए जा रहे दबाव और वेतन रोकने या नौकरी खत्म करने की धमकियों के विरोध में उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के जिला प्रधान पृथ्वी सिंह सहरावत और महासचिव मोहन सिंह तंवर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ डॉ. सतिंदर वशिष्ठ को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने साफ किया कि 25 अक्टूबर 2025 से ऑनलाइन काम का बहिष्कार लगातार जारी है। ऑनलाइन काम बहुद्देशीय कर्मचारियों का हिस्सा नहीं उनका कहना है कि जब तक जरूरी तकनीकी संसाधन, पर्याप्त कर्मचारी और इस समस्या का पक्का हल नहीं मिल जाता, तब तक पूरे प्रदेश में यह बहिष्कार जारी रहेगा। संगठन का तर्क है कि कंप्यूटर या ऑनलाइन काम बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यह उनके सेवा नियमों या काम की जिम्मेदारियों में भी शामिल नहीं है। इसके बावजूद, सभी कर्मचारी पूरी ईमानदारी से लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे नोटिस एक तरह का मानसिक शोषण है। ऐसे धमकी भरे पत्रों से कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है, जो उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रहा है। बेरोजगारों युवकों से ऑनलाइन कार्य कराए जाने का सुझाव एसोसिएशन ने सरकार को सुझाव दिया है कि समस्या का पक्का हल होने तक हरियाणा सरकार की 'सक्षम योजना' के तहत बेरोजगार युवाओं की मदद से ऑनलाइन काम कराया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की, तो पलवल समेत पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले असर की पूरी जिम्मेदारी धमकी भरे पत्र भेजने वाले अधिकारियों की होगी। ज्ञापन सौंपते समय जिले के सभी ब्लॉकों से सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद थे।